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Credible History is an endeavour to preserve authentic history as gleaned through the lens of established, respected historians who have spent their lives researching it via reliable sources. It aims to counter the propaganda being spread through a large section of mainstream media and social media platforms, and provide easy access to established historical resources

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Friday May 24, 2024
सुभाष और नेहरु

जब सुभाष ने निर्वासन में और जवाहरलाल ने जेल में लिखी किताबें

  सुभाष और जवाहरलाल दोनों में से एक को निर्वासन और दूसरे को जेल में रहना पड़ा था;  वर्ष 1934

सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस

जब सरदार पटेल ने किया सुभाष चंद्र बोस पर मुकदमा

देश की स्वतंत्रता के लिए कई क्रांतिकारी वीरों तथा नेताओं ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता के आसमान

sarder ajit shing

पंजाब में पहले किसान आंदोलन के नेता सरदार अजीत सिंह

अजीत सिंह भारत के सुप्रसिद्ध राष्ट्रभक्त एवं क्रांतिकारी थे। वह  शहीद सरदार भगत सिंह के चाचा थे। उन्होंने भारत में

सुभाषचंद्र बोस और महात्मा गांधी

जब गांधी और सुभाष ने सुलझाई मज़दूरों की समस्या

  टाटा स्टील और जमशेदपुर शहर भारत के कई नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की यात्राओं का एक नियमित पड़ाव रहा

एमिली और सुभाष

महत्वपूर्ण दस्तावेज है कृष्णा बोस कि किताब “एक सच्ची प्रेम कथा, एमिली और सुभाष

  सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जेल में बंद सुभाष चंद्र बोस की तबीयत फरवरी, 1932 में ख़राब होने लगी थी।

नेहरू, गांधी और बोस

सुभाषचंद्र बोस और पंडित नेहरू में क्यों हुई थी अनबन?

कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव। गांधीजी मौलाना आजाद को इस पद पर देखना चाहते थे। आजाद ने जब नाम वापस

पंडित नेहरू

जब आनंद भवन में हुआ क्रांतिकारियों के स्वागत में जलसा

सुधीर विद्यार्थी भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के एक विशिष्ट शोधकर्ता हैं। चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह सहित अनेक क्रांतिकारियों पर उनकी बेहद

‘वंशवादी’ नेहरू ने इंदिरा को नहीं, सरदार पटेल की बेटी-बेटे को संसद भेजा था !

प्रो भानु कपिल  नरेंद्र मोदी की बीजेपी को इसके लिए धन्यवाद ज़रूर देना चाहिए कि उसने इतिहास में लोगों की

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्श खुदीराम बोस का आख़िरी दिन

खुदीराम और प्रफुल्ल चाकी ने 30 अप्रैल, 1908 को मुजफ्फरपुर में किंग्सफोर्ड की बग्घी पर बम फेंका था। बम फेंकने

शाहनवाज़ खान: आजाद हिन्द फौज के नायक और नेताजी के साथी

1945 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की असामयिक मृत्यु के बाद अंग्रेज सरकार ने द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति पर बंदी बना