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Credible History is an endeavour to preserve authentic history as gleaned through the lens of established, respected historians who have spent their lives researching it via reliable sources. It aims to counter the propaganda being spread through a large section of mainstream media and social media platforms, and provide easy access to established historical resources

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Thursday May 30, 2024
गौतम बुद्ध, राहुल सांकृत्यायन और महात्मा गांधी

बुद्ध और गांधी मानवता, प्रेम, एवं विश्वबन्धुत्व के प्रतीक

  हमारे लम्बे इतिहास में हमारे देश में बहुत से महापुरुष हो गए हैं। यह निस्संकोच कहा जा सकता है कि बुद्ध उन सब में महान थे।

अकबर

अकबर की रोचक पटना यात्रा की कहानी

  शेरशाह के शासन में सुलेमान कर्रानी बिहार का सूबेदार था।

सुभाष और नेहरु

जब सुभाष ने निर्वासन में और जवाहरलाल

  सुभाष और जवाहरलाल दोनों में से एक को निर्वासन और

जदोनाङ कबुई

मणिपुर में स्वतंत्रता का शंखनाद करने वाला

एक व्यक्ति जिसने अंग्रेजों से मुकाबला करने के लिए 500 की

तात्या टोपे

पराधीनता की जंजीरे तोड़ने का संकल्प लिया

ग्वालियर से 120 कि०मी० दूरी पर स्थित शिवपुरी किले के कवायत

महात्मा गांधी

जब गांधी जी ने साम्यवाद शब्द के अर्थ

  [ यह भाषण गांधी ने 16 मार्च, 1931 को मुम्बई

हेमू कालाणी

‘वंदे मातरम्’ के नारे के साथ फाँसी

भारतमाता को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने हेतु हँसते हुए

शेख भिखारी साहब

डलहौजी के ‘डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स’ का विरोध 

शेख भिखारी साहब, वह व्यक्ति जिन्होंने जनरल डलहौजी के डाक्ट्रिन ऑफ़ 

ramabai

एक कामकाजी, एकल अभिभावक स्त्री की दिक्कतें-

उन्नीसवीं सदी भारत में पुनर्जागरण की सदी मानी जाती है। खासतौर

Social History

जदोनाङ कबुई

मणिपुर में स्वतंत्रता का शंखनाद करने वाला अमर ‘शहीद-जदोनाङ कबुई

एक व्यक्ति जिसने अंग्रेजों से मुकाबला करने के लिए 500 की सेना बनाई, हाइपो जादोनांग को लेखकों और इतिहासकारों ने

तात्या टोपे

पराधीनता की जंजीरे तोड़ने का संकल्प लिया था तात्या टोपे ने

ग्वालियर से 120 कि०मी० दूरी पर स्थित शिवपुरी किले के कवायत के मैदान में ब्रिटिश टुकड़ियों ने अपने खेमे गाड़

शेख भिखारी साहब

डलहौजी के ‘डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स’ का विरोध  करने वाले, शेख भिखारी साहब

शेख भिखारी साहब, वह व्यक्ति जिन्होंने जनरल डलहौजी के डाक्ट्रिन ऑफ़  लैप्स का विरोध किया, जिसका एकमात्र उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य

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गौतम बुद्ध, राहुल सांकृत्यायन और महात्मा गांधी

बुद्ध और गांधी मानवता, प्रेम, एवं विश्वबन्धुत्व के प्रतीक है- राहुल सांकृत्यायन

  हमारे लम्बे इतिहास में हमारे देश में बहुत से महापुरुष हो गए हैं। यह निस्संकोच कहा जा सकता है कि बुद्ध उन सब में

जदोनाङ कबुई

मणिपुर में स्वतंत्रता का शंखनाद करने वाला अमर ‘शहीद-जदोनाङ कबुई

एक व्यक्ति जिसने अंग्रेजों से मुकाबला करने के लिए 500 की सेना बनाई, हाइपो जादोनांग को लेखकों और इतिहासकारों ने काफी हद तक नजरअंदाज कर

तात्या टोपे

पराधीनता की जंजीरे तोड़ने का संकल्प लिया था तात्या टोपे ने

ग्वालियर से 120 कि०मी० दूरी पर स्थित शिवपुरी किले के कवायत के मैदान में ब्रिटिश टुकड़ियों ने अपने खेमे गाड़ दिये थे। दोपहर चार बजे