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Credible History is an endeavour to preserve authentic history as gleaned through the lens of established, respected historians who have spent their lives researching it via reliable sources. It aims to counter the propaganda being spread through a large section of mainstream media and social media platforms, and provide easy access to established historical resources

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Friday February 23, 2024
sarder ajit shing

पंजाब में पहले किसान आंदोलन के नेता सरदार अजीत सिंह

अजीत सिंह भारत के सुप्रसिद्ध राष्ट्रभक्त एवं क्रांतिकारी थे। वह  शहीद सरदार भगत सिंह के चाचा थे। उन्होंने भारत में

मौलाना आजाद

मौलना आज़ाद और राष्ट्रवाद पर भाषण

मौलना आज़ाद खुद को मुस्लिम नेता कहलाना पसंद नहीं था आज़ाद को।​​ आज़ाद बहुत बड़े राष्ट्रवादी थे। भारत की आजादी के बाद वे एक

महात्मा गांधी और स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती

स्वामी श्रद्धानंद की हत्या, अब्दुल राशिद और महात्मा गांधी

स्वामी श्रद्धानंद की हत्या अब्दुल राशिद नामक एक व्यक्ति ने की थी। बीमार श्रद्धानंद के सीने में दो गोलियाँ उतार

महात्मा गांधी

भगत सिंह को फांसी के फंदे से बचान में महात्मा गांधी क्यों सफल नहीं हुए?

   भगत सिंह एक सशस्त्र क्रान्ति द्वारा भारत में समाजवादी शासन स्थापित करना चाहते थे। गांधी अहिंसा और सत्याग्रह के

राजकुमारी अमृत कौर

एम्स का गठन करने वाली बापू की ‘मुर्खा’ राजकुमारी अमृत कौर

    राजकुमारी अमृत कौर कपूरथला की महारानी थीं, पर उन्होंने स्वयं को एक महारानी के तरह ज़ाहिर नहीं किया,

लाला लाजपत राय और मिस मेयो कैथरीन की किताब 'मदर इंडिया'

क्यों किताब ‘मदर इंडिया’ के आलोचक थे लाला लाजपत राय

बीसवीं सदी के दूसरे दशक की  सामाजिक, राजनैतिक और साहित्यिक गतिविधियों के बीच  मिस मेयो कैथरीन की किताब ‘मदर इंडिया‘

एमिली और सुभाष

महत्वपूर्ण दस्तावेज है कृष्णा बोस कि किताब “एक सच्ची प्रेम कथा, एमिली और सुभाष

  सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जेल में बंद सुभाष चंद्र बोस की तबीयत फरवरी, 1932 में ख़राब होने लगी थी।

भगत सिंह, महात्मा गांधी और पंडित नेहरू

क्या गांधी ने भगत सिंह की फांसी को रोकने की कोशिश नहीं की?

सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के बारे में ऐसी कई बातें फैलाई जा रही हैं, जिनका

स्वामी श्रद्धानन्द और महात्मा गांधी

स्वामी श्रद्धानंद की हत्या पर क्या महात्मा गांधी ने हत्यारे राशिद अली का साथ दिया था?

कैसे हुई थी स्वामी श्रद्धानंद की हत्या? क्यों कहा था महात्मा गांधी ने उनके हत्यारे को भाई? स्वामी श्रद्धानन्द की

पं॰ गेंदालाल दीक्षित

क्रांतिकारीयों में मास्साब के नाम से मशहूर, पं॰ गेंदालाल दीक्षित

देश को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया। यद्यपि देश भर में क्रांतिकारी आंदोलन की व्यापक

पंडित जवाहर लाल नेहरू और रघुपति सहाय उर्फ फिराक गोरखपुरी

पंडित नेहरू से खास रिश्ता था फिराक गोरखपुरी का

फक्कड़, बेबाक और बेखौफ अंदाज वाले महान शायर रघुपति सहाय अगर रघुपति सहाय नाम से आप वाकिफ नहीं हैं तो ‘फिराक गोरखपुरी‘ नाम

टंट्या भील

टंट्या भील, जिनको पकड़ने के लिए आये थे इंग्लैंड से विशेष दस्ते

भारतीय इतिहास में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के नायक टंट्या भील की जांबाजी का अमिट अध्याय है। उन्होंने भारत की माटी

बाघा यतीन्द्रनाथ मुखर्जी

“बाघा” जतिन, ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देने वाले ‘क्रांतिकारी’ नायक

 यतीन्द्रनाथ मुखर्जी ने युवावस्था में एक शाही बाघ से लड़कर और उसे मारकर  बाघा जतिन  की पदवी प्राप्त की थी।

पंडित जवाहर लाल नेहरू और शेख़ अब्दुल्ला

मुस्लिम कॉन्फ्रेंस को नेशनल कॉन्फ्रेंस कैसे बनाया शेख़ अब्दुल्लाह ने

भारत के स्वाधीनता आंदोलन के दौर में, जिस समय देश भर में  मुस्लिम लीग और हिन्दू महासभा/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

पंडित नेहरू

जब आनंद भवन में हुआ क्रांतिकारियों के स्वागत में जलसा

सुधीर विद्यार्थी भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के एक विशिष्ट शोधकर्ता हैं। चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह सहित अनेक क्रांतिकारियों पर उनकी बेहद

सर्वपल्ली राधाकृष्णन और महात्मा महात्मा गांधी

हम इंसान बनेंगे तो गांधीजी करीब मिलेंगे – सर्वपल्ली राधाकृष्णन

महात्मा गांधी के  शताब्दी वर्ष पर  देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने समारोह का उद्घाटन व्याख्यान करते हुए ,

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और गौतम बुद्ध

बौद्ध धर्म के बारे में क्या कहा था, डॉ. अंबेडकर ने  

डॉ. बीआर अंबेडकर भारत में आधुनिक बौद्ध धर्म के जनक हैं, जिसने बुद्ध मार्ग का पालन करने वाले दलित/पूर्व-अछूत समुदायों के

दुर्गावती वोहरा और भगत सिह

क्रांतिमूर्ति दुर्गा भाभी का क्रांतीकारी जीवन

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में क्रांतिमूर्ति दुर्गावती वोहरा का नाम प्रथम पंक्ति की महिला क्रांतिकारियों में लिया जाता है।

महात्मा गांधी

गांधीजी ने क्यों कहा था, मैं हिन्दू क्यों हूँ ?

महात्मा गांधी अपने समय के उन व्यक्तियों में से है जो व्यक्तिवाद की सीमाओं के पार जाकर सामूहिकता की चेतना