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Credible History is an endeavour to preserve authentic history as gleaned through the lens of established, respected historians who have spent their lives researching it via reliable sources. It aims to counter the propaganda being spread through a large section of mainstream media and social media platforms, and provide easy access to established historical resources

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Sunday March 4, 2024
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और गौतम बुद्ध

बौद्ध धर्म के बारे में क्या कहा था, डॉ. अंबेडकर ने  

डॉ. बीआर अंबेडकर भारत में आधुनिक बौद्ध धर्म के जनक हैं, जिसने बुद्ध मार्ग का पालन करने वाले दलित/पूर्व-अछूत समुदायों के

दुर्गावती वोहरा और भगत सिह

क्रांतिमूर्ति दुर्गा भाभी का क्रांतीकारी जीवन

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में क्रांतिमूर्ति दुर्गावती वोहरा का नाम प्रथम पंक्ति की महिला क्रांतिकारियों में लिया जाता है।

महात्मा गांधी

गांधीजी ने क्यों कहा था, मैं हिन्दू क्यों हूँ ?

महात्मा गांधी अपने समय के उन व्यक्तियों में से है जो व्यक्तिवाद की सीमाओं के पार जाकर सामूहिकता की चेतना

Gandhi

अंग्रेजी  शिक्षा माध्यम ने हमारे बीच खाई पैदा कर दी है…

महात्मा गांधी मातृभाषा में शिक्षा के प्रबल समर्थक थे, अपने स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने मातृभाषा और अंग्रेजी भाषा में

महात्मा गांधी

जब ऐनी बेसेंट ने बीएचयू में गांधीजी को भाषण देने से रोका

[पंडित मालवीय ने गांधीजी को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर बोलने के लिए आमंत्रित किया था। विश्वविद्यालय

भगत सिह

क्यों भगत सिंह अछूतों के सवाल को जरूरी मानते थे

 भगत सिंह भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के पहले नेता थे जिन्होंने सांप्रदायिकता के साथ-साथ जाति के मसले पर गंभीर हस्तक्षेप किया।

वीर कुंवर सिंह के भाई वीर अमर सिंह

हार कर भी कभी नहीं हारे वाले कुवर सिंह के भाई अमर सिंह

1857 के विद्रोह में वीर कुंवर सिंह ने बिहार का नेतृत्व किया, इस इतिहास से अधिकांश लोग परचित है। उनके

बाबू मंगूराम

बाबू मंगूराम मुगोवालिया, जिनके मुरीद भगत भगत सिंह भी थे

मंगूराम, जिन्होंने पंजाब  में ऐड-धर्म आंदोलन की नींव रखी थी और गदर पार्टी से भी जुड़े हुए थे। उनको लोग

अय्यंकालि

बैलगाड़ी से ब्राह्मणों एवं नायरों के अंहकार को कुचलने वाले- अय्यंकालि

अय्यंकालि उन जाति-विरोधी योद्धाओं में से थे, जिन्‍होंने ब्राह्मणवादियों और उनकी सत्‍ता से समानता का हक़ हासिल करने के लिए

विजयलक्ष्मी पंडित

भारत अकेला है, जो वर्षों से लोकतंत्र के पक्ष में खड़ा रहा है – विजयलक्ष्मी पंडित

विजयलक्ष्मी पंडित  भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु की बहन थीं। परंतु, उनकी अपनी एक अलग विशिष्ट पहचान

गोदावरी पारूलेकर

मेहनकतकश लोगों और किसानों के लिए समर्पित जीवन- गोदुताई

“गोदुताई” ठाणे-पालघर क्षेत्र में पुराने वर्ली लोगों के बीच एक प्रसिद्ध नाम है। यह एक उपनाम था, जो प्यार से

लेडी आबला बोस

विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली लेडी अबाला बोस

अबाला बोस , रेडियो साइंस के पितामह जगदीशचंद्र बोस की जीवन संगिनी थीं। उन्होंने देश की महिलाओं को सामाजिक कुरीतियों

जयशंकर प्रसाद, प्रेमचंद और गजाजन माधव मुक्तिबोध

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचंद का भक्त बनाया-गजानन माधव मुक्तिबोध

वर्धा से प्रकाशित राष्ट्रभारती में कुछ संस्मरणात्मक टिप्पणी छपी थी। जिसे बाद में दस्तावेज अंक में संकलित किया गया था

कल्पना दत्त

अंग्रेज़ों के खिलाफ़ हथियार उठाने वालीं ‘कल्पना दत्त’ : जन्मदिन विशेष

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों में हर वर्ग और समुदाय ने अपना योगदान दिया। देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में सबने अपनी-अपनी

प्रेमचंद और गणेशशंकर विद्यार्थी

गणेशशंकर विद्यार्थी को प्रेमचंद की श्रद्धांजलि

प्रेमचंद और गणेश शंकर विद्यार्थी  दोनों  समकालीन थे। प्रेमचंद कानपुर के आर्यसमाजी हिन्दी पत्र प्रताप के संपादक गणेशशंकर विद्यार्थी के

भगत सिंह के परिवार को अपने घर पनाह देने वाले मौलाना हबीब-उर-रहमान

हिन्दुस्तान की आज़ादी के अज़ीम रहनुमा रईस उल अहरार मौलाना हबीब-उर-रहमान लुधियानवी ने ‘इस्लाम ख़तरे में है’ के नारे के

अरुणा आसफ़ अली

भूमिगत होकर गुप्त रेडियो प्रसारण चलानेवाली,अरुणा आसफ़ अली

अरुणा आसफ़ अली को अपनी स्मृति में कैद करने के कई तरीके हो सकते हैं, मसलन उन्हें उस भद्र महिला

दुर्गाबाई देशमुख

संविधान सभा में 750 संशोधन प्रस्ताव रखने वाली, दुर्गाबाई देशमुख

आधी आबादी की दुनिया में कुछ महिलाओं ने अंधेरी दुनिया से बाहर निकलने के लिए पहले अपने अंदर की संभावनाओं

Liyaqat Ali

1857 की गदर में इलाहाबाद के गुमनाम नायक मौलवी लियाक़त अली

1857 में मेरठ में प्रज्वलित होने वाली स्वतंत्रता संघर्ष की चिन्गारी सम्पूर्ण उत्तर भारत  में ज्वाला के समान धधक रही